बीपीएससी ने AEDO की तीन चरणों में हुई परीक्षा को कथित धांधली के आरोपो के बाद निरस्त करने का फैसला लिया है, वही इस परीक्षा में आठ जिलों में कुल 38 गिरफ्तारिया हुई है, जिसके कारण बीपीएससी आयोग के ऊपर काफी अधिक दबाव बन चुका था, इसके अलावा बीपीएससी ने आगामी परीक्षाओं के पैटर्न में बदलाव की भी संभावना जताई है, जहां AEDO की परीक्षा में एकल परीक्षा का प्रावधान था, वही भविष्य में अब इस परीक्षा को दो चरणों में कराया जायेगा, जिसमें प्री और मुख्य परीक्षा शामिल है,

वही आयोग ने इस बात को साफ किया है कि पारदर्शिता में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा, AEDO में कुल 967 पदों के सापेक्ष 10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जिसकी परीक्षा 14 से 21 अप्रैल तक विभिन्न जिलों में संपन्न हुई थी,
परीक्षा के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों में ब्लूटूथ और अन्य माध्यमों से नकल की कोशिश हुई, जिसे प्रशासन की सतर्कता से विफल कर दिया गया, वहीं 32 अभ्यर्थियों को कदाचार के आरोप में आगामी परीक्षाओं से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है
वही आयोग ने स्पष्ट किया है की जांच में प्रश्न पत्र लीक होने का कोई प्रमाण नहीं मिला ना ही किसी सेट या सीरीज का प्रश्न पत्र वायरल होने की पुष्टि हुई है, हालांकि परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित करने की कोशिश जरूर सामने आई है,
वही बीपीएससी ने सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों के माध्यम से जो भ्रामक खबरें फैलाई गई थी जिसके कारण कई परीक्षार्थियों ने आयोग के ऊपर संदेह उत्पन्न किया था इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने सख्त निर्णय लिया और AEDO की परीक्षा को निरस्त करने का फैसला सुनाया है,
वही इस परीक्षा के साथ हुई सहायक लोग स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी परीक्षा भी रद्द कर दी गई है, जिसकी जानकारी बिहार लोक सेवा आयोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है,
आयोग ने अपने संदेश में साफ कहा कि मेधावी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है अब भविष्य में सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और सख़्ती के साथ आयोजित की जाएगी,
वही इस परीक्षा की अगली तिथि जल्द ही घोषित किए जाने की संभावना है, जिसके लिए अभ्यर्थियों को बीपीएससी की वेबसाइट पर लगातार नजर रखने को कहा गया है

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